पड़ोसन भाभी को लंड की जरूरत थी- 1

शालिनी चौहान

22-10-2021

246,112

न्यूड भाभी सेक्स कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाली शादीशुदा लड़की की है. मैं अक्सर उनके घर जाता था. उनकी मस्त फीगर देखकर मेरी वासना जाग जाती थी.


दोस्तो, मेरा नाम अमन है. आज मैं आपको अपनी और अपनी पड़ोसन भाभी की सेक्स कहानी सुना रहा हूँ.


न्यूड भाभी सेक्स कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ. मैं 19 साल का हूँ और मेरा लंड 7 इंच का है.


मेरी पड़ोसन भाभी का नाम शालिनी है. भाभी की उम्र 25 या 26 साल की रही होगी. उनका रंग एकदम मक्खन सा गोरा है. उनके जानलेवा फिगर का साइज़ 34-32-36 का है.


ऐसा साइज़ तो बहुत सी महिलाओं का होता है, लेकिन भाभी की मदमस्त फिगर की बात ही कुछ और थी. वो जब भी मेरे सामने आती थीं … तो उनके थिरकते बदन को देख कर मेरे पूरे शरीर में ऊपर से नीचे तक आग सी लग जाती थी.


भाभी इधर अपनी सास के साथ रहती थीं. उनके हज़्बेंड दुबई में जॉब करते थे. वो साल में एक दो बार ही इंडिया आ पाते थे. इस कारण से भाभी को जो भी काम होता था, तो वो मुझसे ही बोलती थीं.


चूंकि मैं ज्यादातर समय उनके साथ ही गुजारता था. रात में भी भाभी मुझसे कॉल पर बातें करती रहती थीं.


एक दिन की बात है, जब मैं उनके घर गया तो वो उस टाइम नहा कर निकली थीं. तो वो ब्रा पैंटी में थीं. ये देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.


ये पहला मौका था जब मैंने भाभी को ऐसे देखा था.


सच में भाभी एकदम बारूद का गोला लग रही थीं.


भाभी के गीले बाल उनके मम्मों पर थे और उनके बूब्स ऐसे तने और उठे हुए लग रहे थे, जैसे कोई संतरे की जोड़ी चिपकी हो.


मेरा मन तो हुआ कि अभी के अभी भाभी को पकड़ कर चोद दूँ. पर मेरी ये हरकत हमारे रिश्तों के लिए एक झटका साबित हो सकती थी.


मैं दिल में भाभी का ये मदमस्त यौवन बसाए हुए अपने घर वापस आ गया और बाथरूम में जाकर मैंने भाभी के नाम की मुठ मारी, तब जाकर मुझे कुछ शान्ति मिली.


अब मैं भाभी को चोदने के प्लान बनाने लगा. मुझे अब हर समय भाभी की छवि ब्रा पैंटी में ही दिखने लगी थी.


दो दिन बाद भाभी मेरे घर आईं, तो उस समय मेरे घर पर कोई नहीं था.


मेरे घर आने से पहले भाभी ने मुझे 4 बार कॉल किया था मगर मैं समझ रहा था कि फोन अटेंड नहीं करने से भाभी मुझे बुलाने मेरे घर पक्का आएंगी. इसी लिए मैंने जानबूझ कर उनकी कॉल नहीं उठाई थी.


यही हुआ, जब मैंने भाभी का फोन नहीं उठाया … तो वो मेरे घर आ गईं.


मैंने अपने घर का गेट लॉक नहीं किया था; वो मेरे घर में घुसती चली आईं.


चूंकि भाभी पहले भी बिना दस्तक दिए घर में आती रही थीं, तो ये बात सामान्य थी.


जब भाभी घर में आईं, उस वक्त मैं अपने बाथरूम में नंगा था और भाभी को याद करके अपने लंड की मुठ मार रहा था. मेरे बाथरूम का गेट भी खुला हुआ था.


भाभी आईं और मुझे इस तरह से नंगा देख कर शर्मा कर वापस चली गईं. मैंने भी देख लिया था कि भाभी मेरे खड़े लंड को हिलाते हुए देख कर चली गई हैं.


कुछ देर बाद मैं उनके पास गया और उनके सामने खड़ा हो गया.


मुझे थोड़ी सी शर्म सी आ रही थी. भाभी मुझे देख कर मंद मंद मुस्कुरा रही थीं.


मैं धीरे से बोला- भाभी, आप किसी से बोलना नहीं प्लीज़. वो बोलीं- कोई बात नहीं, इस उम्र में तो ये काम सभी करते हैं. तुमने कौन सा नया काम किया है. बस अपनी सेहत का ख्याल रखना जरूरी है, ये सब ज्यादा नहीं करना चाहिए.


उनकी इन ज्ञान भरी बातों से मैं सहज हो गया और भाभी के साथ फिर से सामान्य बातें करने लगा.


भाभी बोलीं- वैसे तुम्हारी कोई जीएफ है? मैंने सर झुका कर कहा- एक थी तो … पर उससे मेरा ब्रेकअप हो गया है, अब कोई नहीं है. आप ही कुछ हेल्प कर दो.


भाभी बोलीं- तुम तो इतने स्मार्ट हो, फिर भी मुझसे हेल्प मांग रहे हो … क्या कोई दूसरी नहीं मिल रही है? मैंने कहा- मिल तो बहुत रही हैं मगर …


भाभी मेरी बात अधूरी सुनकर बोलीं- मगर क्या? मैं बोला- मगर मुझे कोई आप जैसी नहीं मिल रही है.


भाभी हंस कर बोलीं- मेरी जैसी क्यों चाहिए? मैं बोला- क्योंकि आपसे ज्यादा खूबसूरत मैंने किसी किसी और को देखा ही नहीं है.


ये सुनकर भाभी हंसने लगीं और बोलीं- मुझमें ऐसा क्या ख़ास है? मैं बोला- ये तो उनसे पूछो, जो आपके सपने देखते हैं.


भाभी बोलीं- अच्छा ऐसा है क्या? मैंने कहा- हां ऐसा ही है.


भाभी नशीले अंदाज में बोलीं- क्या तुम भी ऐसे ही देखते हो? मैं चुप रह गया.


भाभी ने भी कुछ नहीं कहा और वो बोलीं- मैं तुम्हारे पास कुछ काम से गई थी. मैंने उनसे काम पूछा.


बाजार का काम था तो मैं उनका काम करने चला गया.


फिर कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा.


कुछ दिन बाद मेरे घर वालों ने बाहर घूमने जाने का प्लान बनाया. उस टाइम मेरे एग्जाम का एक पेपर बचा था तो मैंने जाने से मना कर दिया.


मैं बोला- आप लोग चले जाएं. मैं नहीं जा पाऊंगा. पापा बोले- तो दो हफ्ते तक तुम कैसे मैनेज करोगे … खाना वगैरह कर कैसे सैट करोगे. अपने बगल वाली तेरी आंटी भी साथ ही जा रही हैं.


मैं समझ गया कि पापा भाभी की सास के लिए कह रहे हैं कि वो भी साथ जा रही हैं.


उसी समय भाभी घर आ गईं और वो मेरी मम्मी से बोलीं- अरे चाची मैं तो हूँ ना … ये मेरे घर ही खाना खा लेगा. फिर घर पर देखने के लिए भी कोई चाहिए होगा, तो मैं और अमन सब मैनेज कर लेंगे. मम्मी इस बात से सहमत हो गईं और उन्होंने भाभी से कहा- शालिनी, बात तो तू ठीक कह रही है कि घर की देखभाल के लिए भी कोई न कोई का रुकना जरूरी है.


भाभी बोलीं- हां चाची, आप लोग बेफ़िक्र होकर जाओ. हम दोनों सब देख लेंगे.


दूसरे दिन मेरे घर के सभी मेम्बर और भाभी की सास अपने तय कार्यक्रम के तहत शाम को निकल गए.


अब घर पर मैं अकेला रह गया था.


कुछ देर बाद डिनर के लिए भाभी ने मुझे फोन किया, कहा- मेरे घर आ जाओ, यहीं खाना खा लेना और यहीं सो जाना.


मैं भाभी के घर चला गया और उनके साथ रात को खाना खा लिया.


खाने के बाद हम दोनों थोड़ी देर टीवी देखने लगे.


कुछ समय बाद मैंने कहा- भाभी बहुत रात हो रही है, मैं सोने जा रहा हूँ. वो बोलीं- ओके.


मैंने टीवी बंद कर दिया और जाने लगा.


भाभी बोलीं- तुम्हें कोई परेशानी हो, तो मुझे बेहिचक जगा देना या डर लगे तो मेरे रूम में आ जाना. मैंने बोला- ओके भाभी.


फिर भाभी अपने रूम में चली गईं और में दूसरे कमरे में चला गया.


कुछ मिनट बाद में पानी के लिए किचन में गया तो सोचा भाभी को देख लूं.


मैंने उनकी खिड़की में से झांक कर देखा, तो भाभी कपड़े चेंज कर रही थीं. पहले उन्होंने साड़ी उतारी और फिर बाकी के कपड़े प्याज के छिलकों की तरह उतरते चले गए.


मैं दम साधे चुपके से सब देख रहा था.


भाभी अब मेरे सामने सिर्फ ब्रा में रह गई थीं; उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी.


मैं भाभी की नंगी चुत को फर्स्ट टाइम ऐसे देख रहा था. भाभी की चुत पर एक भी बाल नहीं था.


फिर उन्होंने मैक्सी पहन ली. मैं भी अपने रूम में आ गया.


करीब एक घंटे बाद मेरी आंख खुली, तो दिमाग में भाभी ही घुसी हुई थीं. मैंने सोचा कि एक बार फिर से भाभी को देख आऊं.


मैं गया तो भाभी सोई हुई थीं. उनकी मैक्सी उनकी जांघों पर चढ़ गई थी.


मैं भाभी को बस देखता ही रहा. भाभी सोते समय बहुत प्यारी लग रही थीं, उनके चेहरे पर बड़ी सुकून की छाप थी.


उनके कमरे का दरवाजा खुला हुआ था. मैं डरते डरते अन्दर घुस गया और कुछ पल यूं ही भाभी को निहारने के बाद मुझसे नहीं रहा गया तो मैंने उनकी मैक्सी को ऊपर कर दिया.


मेरे सामने भाभी की नंगी चिकनी चुत थी. मैं भाभी की चुत को देखता रहा. एकदम साफ़ और बेदाग़ गोरी चुत देख कर मेरा लंड हिनहिनाने लगा था.


थोड़ी देर बाद मैंने भाभी की चुत पर हल्के से अपना हाथ रख दिया. चुत का स्पर्श करते ही मेरे जिस्म में मानो 440 बोल्ट का करेंट सा लगा.


थोड़ी देर बाद भाभी हिलीं तो मैं डर गया और उनके बाजू में जाकर लेट गया.


मेरा लंड फुल टाईट था.


थोड़ी देर बाद भाभी उठीं तो मेरा लंड लोवर में से खड़ा दिख रहा था.


वो मुझे अपने बाजू में लेटा देख कर बोलीं- अमन … अमन. मैं उठ गया और बोला- हां भाभी क्या हुआ?


वो बोलीं- तुम यहां कैसे? मैं बोला- मुझे उस कमरे में अकेले में डर सा लग रहा था.


वो मेरे माथे पर हाथ फेरती हुई बोलीं- ओके कोई बात नहीं … सो जाओ.


मैं फिर से आंखें बंद करके सो गया, पर मुझे नींद ही नहीं आ रही थी. फिर न जाने कब मुझे नींद आ गई और मैं सो गया.


सुबह करीब 6 बजे मैं उठा, तो देखा कि मेरे लोवर में भाभी का हाथ था.


मैं एकदम से उठा. इससे भाभी भी जाग गईं.


फिर उन्होंने अपना हाथ मेरे लोअर से बाहर निकाला और बोलीं- सॉरी, रात में सोते टाइम चला गया होगा. मैं बोला- कोई बात नहीं भाभी, हो जाता है.


भाभी ने अपने होंठ दबा कर कातिलाना मुस्कान बिखेर दी.


फिर मैं फ्रेश हुआ और कॉलेज चला गया.


दोपहर में पेपर देकर आ रहा था, तो रास्ते में सोच रहा था कि शायद भाभी मुझसे चुदना चाहती हैं.


मैं ये सोच कर बेहद गर्म हो गया था कि यदि ऐसा हुआ तो मेरा तो काम ही बन जाएगा.


मैं तेज तेज क़दमों से अपने घर पहुंचा और अपने कपड़े चेंज कर लिए.


फिर मैं भाभी के घर गया और उनके दरवाजे पर दस्तक दे दी.


थोड़ी देर बाद भाभी बाहर आईं तो मैं उन्हें देखता ही रह गया. भाभी उस समय सिर्फ एक तौलिया लपेटी हुई थीं.


मुझे देख कर भाभी बोलीं- सॉरी अमन मैं नहा रही थी. तुम अन्दर आ जाओ. मैंने कहा- कोई बात नहीं भाभी.


मैं अन्दर आ गया, वो बाथरूम की तरफ चली गईं.


फिर पता नहीं क्या हुआ कि ग़लती से या जानबूझ कर उनका तौलिया किसी चीज से फंस कर हिल गया और खुल कर नीचे गिर गया.


आह … भाभी मेरे सामने फर्स्ट टाइम फुल न्यूड थीं. इससे पहले मैं भाभी की नंगी चुत देखी थी, पर खुले बूब्स पहली बार देखे थे.


वो मेरी तरफ मुँह करके तौलिया उठाती हुई बोलीं- ऐसे क्या देख रहे हो? मैं बोला- कुछ नहीं.


भाभी मुस्कुरा दीं और बोलीं- उस दिन यही सब देख कर कुछ कुछ कर रहे थे न! मैंने सर झुका लिया और मेरे होंठों पर मुस्कान आ गई.


दोस्तो, शालिनी भाभी की मदमस्त जवानी को देख कर मेरा लंड चुदाई के लिए मचल उठा था.


देसी भाभी सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको चुदाई को विस्तार से लिखूंगा कि कैसे मैं भाभी की चुत चोदी और उनकी गांड में अपना मूसल ठोक दिया. इस न्यूड भाभी सेक्स कहानी के लिए मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा. [email protected]


न्यूड भाभी सेक्स कहानी का अगला भाग: पड़ोसन भाभी को लंड की जरूरत थी- 2


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