भाभी की बहन की चूचियों पर हल्दी

अनुज मिश्रा

13-07-2022

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भाभी सिस्टर सेक्स कहानी मेरे भाई की साली की चुदाई की है. वो मेरी अच्छी दोस्त है. मेरे मंझले भैया की शादी में वो आई हुई थी. मैंने उसे कैसे चोद डाला?


दोस्तो, मेरा नाम मनोज है. मेरी उम्र 23 साल की है. मेरा बदन दुबला पतला है लेकिन ज्यादा भी पतला नहीं हूँ. मैं दिखने में एकदम गोरा हैंडसम मुंडा दिखता हूँ इसलिए लड़कियां मुझ पर जल्दी फ़िदा हो जाती हैं.


और मुझे चुदाई करने का मौका लगभग हर हफ्ते मिलता रहता है. मेरा लंड भी काफी बड़ा है.


ऐसी ही मेरी यह भाभी सिस्टर सेक्स कहानी है, जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ.


लॉकडाउन में मेरे मंझले भैया की शादी थी. ज्यादा लोगों को बुलाने पर पाबंदी थी तो ख़ास ख़ास रिश्तेदार ही आए थे.


उन्हीं में से एक लड़की थी, जो मेरे बड़े भैया की साली थी. उसका नाम रोमा था.


उसका ब्वॉयफ्रेंड बहुत पहले से था और रोमा 24 साल की थी. वो उम्र में मुझसे बड़ी थी लेकिन उसका मन मेरे लिए बहुत खुला रहता था.


उसका ब्वॉयफ्रेंड होने के बावजूद भी वो मुझसे काफी हंसी मजाक करती थी और उससे मेरी बहुत बातें होती रहती थीं.


मजाक मजाक में हम दोनों ही एक दूसरे से बहुत कुछ कह दिया कहते थे.


शादी में वो काफी पहले से आ गई थी.


मैंने उसका स्वागत अच्छे से किया और उसके साथ फ्लर्ट करने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी.


दोस्तो, रोमा दिखने में मुझसे मोटी थी. उसके बड़े बड़े स्तन और कमाल के हिप्स थे.


शादी के दिन नजदीक आ गए. हल्दी वाले दिन सुबह से हल्दी लग रही थी. उस समय मैं अपने कमरे में बैठा था.


वो कमरे में आई और उसने मेरे गालों में बहुत सारी हल्दी लगा दी. मैंने बड़े आराम से उसके हाथों से हल्दी लगवा ली.


उसके हाथों का स्पर्श मुझे अच्छा लग रहा था तो मैं चुपचाप बैठा रहा.


अचानक से उसने हल्दी मेरे सीने पर भी लगा दी. उसके हाथ मेरे सीने पर आए तो मैंने उसको वहीं पकड़ लिया क्योंकि उस समय कमरे में कोई नहीं था. मैंने उसी से हल्दी छुड़ा कर उसके चेहरे पर लगा दी और अपने हाथ उसके स्तनों पर ले गया.


वो छटपटाती हुई छोड़ो छोड़ो कहने लगी. मगर मैंने जबरन अपने हाथ अन्दर डाले और उसके स्तन पकड़ लिए.


वो मेरा रोमा के स्तन का पहला स्पर्श था. मेरे हाथ उसकी चूचियों को इतनी जोरों से पकड़े हुए थे कि उसकी आह निकल आई.


मैंने जल्दी से उसके चूचे मसलते हुए दोनों मम्मों में हल्दी लगा दी.


वो इसी तरह से मेरे हाथ हटा कर वहां से उठ गई और एक पल के लिए भी नहीं रुकी. उसने जल्दी से अपने कपड़े ठीक किए और बाहर चली गई.


अब मैं उसके सामने आया तो वो मुझे नहीं देख रही थी. उसके गले में एक चुन्नी आ गई थी जिससे सब कुछ ढका था.


कुछ देर बाद काफी काम करने के बाद मैं कुछ थक सा गया था तो एक पेनकिलर दवा लेकर सो गया.


करीब तीन घंटे की गहरी नींद के बाद जब मैं उठा तो बाथरूम गया.


मेरी नजर मेरे लंड पर पड़ी. मेरे लंड पर बहुत सारी हल्दी लगी हुई थी. पूरा लंड पीला हो गया था. मैंने ध्यान दिया कि केवल लंड के ऊपर ही हल्दी नहीं लगी थी, बल्कि टोपे के अन्दर भी हल्दी लगाई गई थी.


मैं सोचने लगा कि अब तो ये पानी सिर के ऊपर तक निकल गया. आपको बता दूँ कि मेरे घर में 8-8 कमरों के 4 फ्लोर हैं. ऊपर की छत पर एक बाथरूम भी बना है.


शाम का समय था. मेरी किस्मत से रोमा उसी बाथरूम में नहाने गई थी. मैंने ये ताड़ लिया था.


मैं घर वालों की नजरों से बच कर ऊपर आ पहुंचा और बाथरूम के बाहर जाकर मैंने रोमा से कहा- दरवाजा खोलो. रोमा दरवाजा खोलने के लिए राजी ही नहीं हो रही थी.


बड़ी मुश्किल में थोड़ी देर बाद दरवाजा खोला तो मैं झट से अन्दर घुस गया और दरवाजा लॉक कर दिया. सामने देखा कि उसको नहाना था. उसने अपने कपड़े अभी नहीं उतारे थे.


मैंने उससे कहा कि ये तुमने ऐसा क्यों किया? उसने इठला कर कहा- मैंने बदला लिया है.


मैंने कहा- उधर बदला लेने की जगह है क्या? वो कहने लगी- तुमने तो मुझे ऐसी हल्दी लगाई कि मेरा पूरा बदन जल रहा है. दीदी से मैंने सब छुपा छुपा कर फिरती रही.


मैंने कहा- दिखाओ जरा ऐसी ज्यादा किधर लग गई है? उसने मना किया.


मैंने जबरदस्ती उसके कपड़े उतार दिए. मेरे सामने उसके पीले मम्मे मस्त दिख रहे थे.


मैंने कहा- अरे वाकयी में ज्यादा हल्दी लग गई है. पर तुम चिंता मत करो … जो मैंने किया, मैं उसको सुधार दूँगा और सब साफ कर दूँगा.


मैंने साबुन लिया और उसके मम्मों पर लगाने लगा. मैंने साबुन से मम्मों की मालिश करके उसके पूरे गोल गोल स्तन साफ कर दिए. उसे दर्द न हो इसलिए मैंने उसके मम्मों को मसल कर साफ नहीं किए.


वो मदहोश होने लगी थी. फिर मैंने पूछा- तुमने मेरी हालत ये कैसे की?


उसने बताया कि मैं तुम्हारे रूम में तुम्हें जगाने आई थी. तुम जगे ही नहीं, तुम काफी गहरी नींद में सो रहे थे, तो मैंने सोचा कि अब कुछ भी कर सकती हूँ. बस मैंने हल्दी तुम्हारे उधर लगा दी.


मैंने उसकी आंखों में वासना से देखा और पूछा- तुम्हें उधर हल्दी लगाते वक्त कुछ हुआ नहीं! वो जरा शरमाई लेकिन बोली- मैं एक बात बोलूं. मैंने तुम्हारे उसके जैसा पप्पू कभी नहीं देखा, कसम से बहुत बड़ा है.


मैंने कहा- ठीक है तुम आगे की बात बताओ. उसने बताया- क्या बताऊं … बस हल्दी लगाने के हाथ बढ़ाया, फिर हटा लिया. फिर मैंने पहले ऊपर से हल्दी लाई, जब तुम नहीं जागे तो मैंने अन्दर हाथ डाल कर हल्दी लगाना चाही. मैं अन्दर नहीं डाल पा रही थी थी तो मैंने तुम्हारी अंडरवियर नीचे की और तुम्हारे पप्पू पर अपने दोनों हाथों से रुच रुच कर हल्दी लगा दी. उसी समय पप्पू एकदम से खड़ा हो गया था, मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने खाल नीचे की और हल्दी तुम्हारे टमाटर पर भी हल्दी लगा दी. अब सुन लिया पूरा किस्सा … अब तुम बाहर जाओ, मुझे नहाना है.


मैंने कहा- नहीं, अभी मुझे उधर साफ करो. उसने मना कर दिया.


मैंने लंड बाहर निकाल दिया. लंड लटक रहा था. वो लंड देखने लगी और बोली- एक बात बताओ, तुम लगते तो पतले से हो लेकिन ये इतना बड़ा और मोटा कैसे है?


मैंने कहा- कभी कभी मुझे जैसी किस्मत वालों को ही ऐसा लंड मिलता है. वो लंड को ललचायी नजरों से देख रही थी.


मैंने कहा- इसे साबुन से नहलाओ, देखो तुमने इसे कितने पीला कर दिया.


ये कहते हुए मैंने अपना लोवर चड्डी समेत उतारा और लंड पर रोमा का हाथ रख दिया.


रोमा को लंड प्यारा लग रहा था. वो अपने हाथ से मेरे लंड को साफ करने लगी.


उसके हाथ लगाने से मेरा लंड बिल्कुल टाइट हो चुका था.


मैंने रोमा से कहा- बैठ जाओ और दोनों हाथों से साफ करो. अब रोमा बैठ गई तो उसके मुँह के ऊपर मेरा लंड था. मैंने अपनी शर्ट की जेब से अपना मोबाइल निकाला और रोमा की अपने लंड के साथ फोटो निकाल ली.


उसने लंड को एकदम से चमका दिया था.


मेरे लंड पर झांटों के नाम पर तो बिल्कुल भी बाल नहीं थे इसलिए उसका मन लगा रहा. अब मैंने कहा- थोड़ा अपने मुँह में इसका स्वाद भी ले लो. उसने लंड चूसने से मना कर दिया.


मैंने कहा- ठीक है, रहने दो … अब तुम नहा लो. मैं भी तुम्हारी मुनिया देखना चाहता हूँ. वो बिना शर्माए नंगी हो गई और बिना कपड़ों के नहाने लगी.


मैं मौके की तलाश में था और उसके पीछे था. वो अपने पैरों को साफ करने झुकी और मैंने उसकी चूत का मुहाना देख कर लंड को एक झटके में अन्दर पेल दिया.


रोमा ऊपर उठ गई और चिल्ला पड़ी- उई मम्मी रे मनोज … ये क्या किया … साले मैं दीदी जीजू से बोलूंगी, आंह निकालो बाहर!


मैंने उसको जकड़ कर अपनी बांहों में दबोचे रखा और झटके देने शुरू कर दिए. उसकी आंखों से आंसू निकल आए.


इतने में मेरा फोन बजा. मैंने देखा कि मम्मी का फोन आ रहा था.


मैंने रोमा के मुँह पर हाथ रखा और फोन सुनने लगा.


उन्हें कुछ जरूरी काम था तो मैंने ये हसीन मौका छोड़ दिया और चूत से लंड बाहर निकाल लिया.


मैंने कपड़े पहनते हुए रोमा से कहा- आज रात में मेरे कमरे ने आ जाना, नहीं तो फिर ये फोटो देखो, तुम्हारी दीदी को कल सुबह तक मिल जाएगी. वो हंसने लगी. मैं वहां से निकल आया.


रात को रोमा का छोटा का भाई मेरे साथ सो रहा था. रोमा का मैसेज आया कि मैं इस वजह से नहीं आ सकती क्योंकि सुमित तुम्हारे साथ में सो रहा है.


मैंने कहा- तुम तो बस आ जाओ, नहीं तो कल सुबह फिर मुँह दिखाने लायक नहीं रहोगी. वो कमरे में आ गई.


गर्मी का समय था, कूलर पंखा सब चल रहे थे. वो चोरों के जैसे छिप छिप कर आ रही थी.


मैंने उसको बेड पर आने कहा. वो बहुत नखरे दिखा रही थी.


मैंने उसे पकड़ कर बेड पर खींच लिया और अपनी चादर में अन्दर कर लिया. वो मेरे सीने से लग गई हम दोनों चूमाचाटी करने लगे.


मैंने उसके कपड़े उतार कर फेंक दिए और रोमा से कहकर अपने कपड़े अलग करवा लिए. हम दोनों उस चादर में बिना कपड़ों के लेटे थे.


मैंने रोमा को अपनी तरफ मुँह करके लिटाया और उससे कहा- अपने पैर मेरे ऊपर रख लो. उसने पोजीशन बना ली.


मैंने लंड पकड़ कर चूत में एडजस्ट करना चाहा. वो हंस कर बोली- पहले मेरा मुँह दबा लो, नहीं तो इधर आवाज निकल गई, तो समझ लेना तुमसे मेरी शादी इसी मंडप में हो जाएगी. मैंने कहा- मैं राजी हूँ.


वो बोली- मगर मैं अभी शादी करना नहीं चाहती हूँ. मैंने कहा- क्यों?


वो बोली- अभी बस मजा लेने का मन है. मैंने कहा- चल ठीक है. मजा ही लेते हैं.


अब मैंने उसकी किस करनी शुरू की और अपने होंठों से उसके होंठों को जकड़ लिया. उसी समय मैंने लंड को चूत में धकेल दिया.


रोमा का शरीर ऊपर से नीचे तक हिल गया. उसके होंठों के किस के कारण उसकी आवाज दबी रही. मुझे उसके चुम्बन के साथ उसके कुछ आंसू भी पीने मिल गए.


लंड चूत में सटासट चलने लगा. मुझे अपने आप पर गर्व महसूस हुआ क्योंकि मैं दुबला पतला सा लौंडा, रोमा जितनी मस्त लड़की मुझसे चुद रही थी और रो रही थी.


मुझे लगा कि मैं तो पहलवान हूँ. इससे ज्यादा और क्या अच्छा हो सकता है. अब मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू किया और अपने झटकों को जारी रखा.


चुदाई से बेड हिल रहा था जिससे रोमा डर रही थी लेकिन मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता था.


मेरे दोनों हाथों में रोमा के दोनों दूध थे और मैं उन्हें दबाते हुए चूस रहा था. नीचे चूत में लंड चल रहा था और ऊपर उसकी दोनों चूचियां मेरे मुँह को मजा दे रही थीं. वो दोनों हाथ से मुझे जकड़े हुए ‘उन्ह उआंह …’ कर रही थी.


अचानक से सुमित करवट बदलने लगा तो मैं रुक गया. रोमा कहने लगी- इसको नींद नहीं आ रही क्या?


मैंने रोमा से कहा- जिसकी बहन उसके बाजू में चुद रही हो, उसको भला कैसे नींद आ सकती है. रोमा ने मुझे काट दिया और बोली- साले ज्यादा मुँह मत चलाओ, बस चोदते रहो. अपना दिमाग लंड चूत में लगाओ.


मैंने रोमा के साथ थोड़ी मस्ती की और जोर जोर से झटके देने लगा. अब रोमा हाथ जोड़ने लगी और कहने लगी- ज्यादा तेज मत करो यार … दर्द होता है … और कहीं सुमित जाग गया तो चुदाई की कहानी अधूरी रह जाएगी.


मैंने रोमा को अपने ऊपर आने का कहा. वो मेरे लौड़े पर सवार हो गई और लंड चूत में अन्दर करके चुदाई शुरू कर दी.


रोना के मम्मे इस वक्त मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे. मस्त मजा आ रहा था. वो धीरे धीरे चूत रगड़ रही थी. मैं उसके मम्मे मसल रहा था.


हम दोनों मस्ती से चुदाई का मजा ले रहे थे. अब तक बीस मिनट से ज्यादा का समय हो चुका था. अब हम दोनों अपनी चरम सीमा पर आ गए थे.


तभी उसका भाई उठ कर बैठ गया, वो अभी नींद में था.


मैंने धक्के नहीं रोके क्योंकि मेरा लावा उफान पर आ गया था. रोमा रुको रुको करती जा रही थी, मगर तब तक मेरा पानी निकलने लगा. मैंने सुमित के चक्कर में रोमा को ऊपर से हटा कर बगल में लिटा लिया और लंड चूत में फंसाए रखा.


मेरा पूरा वीर्य रोमा की चूत में निकल गया. रोमा को गर्म गर्म लगा तो वो आंखें निकाल कर देखने लगी.


इतने में उसका भाई वहां से उठकर हॉल में चला गया और वहीं सो गया. मैंने डोर लॉक किया और रोमा को एक गर्भ निरोधक गोली दी.


वो बोली- कमीने तू पहले से ही सब तैयारी करके बैठा था. मैंने कहा- खाना है तो खा ले … वर्ना मंडप में बैठ जाना.


वो हंसती हुई देखने लगी. मैंने देखा कि चुदाई में रोमा के बाल बिखर चुके थे.


मैं उसके बगल में जाकर लेट गया और हम दोनों बातें करने लगे.


कुछ देर बाद रोमा बाथरूम गई. तब तक मैं मोबाइल में पोर्न देखने लगा.


वो वापस आई तो मैं उसके बूब्स से खेलने लगा और उन्हें चूसने लगा.


करीब दस मिनट बाद लंड फिर से खड़ा हो गया. इस बार रोमा को मैंने डॉगी बना कर चोदना शुरू किया.


कुछ समय बाद मैंने उसे अपने ऊपर बिठा लिया और रिवर्स काऊगर्ल पोज में उसकी चुदाई की. फिर मैंने रोमा को उठाया और गोद में लेकर चूत में लंड डाला.


रोमा का वजन भारी था, तो मैंने उसे दीवार से सटा दिया और चुदाई चालू कर दी. कुछ समय के बाद रोमा थक गई तो मैंने उसे लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़कर पैरों को हवा में करके उसे चोदना शुरू कर दिया.


अब सुबह से 3 बज रहे थे. रात 11 बजे से 3 कब बज गए, पता नहीं चला.


इस बार मेरा पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था. मैंने रोमा के मुँह में लंड पेल दिया और चुसवाने लगा. मुझे मजा आने लगा क्योंकि रोमा ने बिना किसी हुज्जत के लंड चूसना चालू कर दिया था.


थोड़ी देर बाद रोमा खुद मेरे ऊपर आ गई और उछलने लगी. कुछ मिनट तक लंड पर उछलने के बाद मैंने उसे औंधा कर दिया और पीछे से लंड पेल कर कुत्ते की तरह तेज स्पीड से चोदने लगा.


रोमा से इतनी तेजी सहन नहीं हुई और वो रोने लगी. मुझे मना करने लगी. मैं नहीं रुका.


कुछ देर बाद मुझे पता ही नहीं चला कि मेरा पानी बाहर आने लगा और रोमा की चूत में पूरा पानी समा गया. मैं रोमा के ऊपर ही गिर पड़ा और रोमा से सॉरी बेबी कह के किस करने लगा.


रोमा की हालत भी बिगड़ गई थी. थोड़ी समय बाद मैंने रोमा को सहारा देकर उठाया और उसके रूम में उसको लिटा दिया. मैं कमरे में आकर लेट गया.


चुदाई के बाद आंखों में नींद भरी थी, तो सो गया. अगले दिन रोमा फिर चुदने कमरे में आई.


शादी में जब तक वो मेरे घर रुकी बराबर चुदती रही. शादी खत्म होने के बाद भी मैंने रोमा को जमकर ठोका.


रोमा की चाल एक हफ्ते में बदल गई थी और उसका चेहरा खिल गया था.


वह अब भी मुझसे घर आने को अक्सर कहती है लेकिन मैं यह सही नहीं मानता कि उसके घर जाकर उसकी चुदाई करूं.


अभी कुछ दिनों बाद भाभी की डिलिवरी है तो भाभी सिस्टर रोमा फिर से आने वाली है.


अब मेरी उससे बात हो गई है. इस बार हम दोनों गांड मारने पर फोकस करेंगे.


इस बार हम दोनों दवा की जगह डॉटेड कंडोम से चुदाई करने की कोशिश करेंगे.


दोस्तो, ये कहानी मैंने जल्द इसलिए डाल दी क्योंकि अभी फिर से यही होने वाला है. चुदाई हो जाने दीजिएगा, फिर किसी दिन में रोमा की चुदाई का वर्णन करूंगा.


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मेरी पिछली कहानी थी: प्यासी भाभी की चुदासी चूत चोदकर प्रेग्नेंट किया


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