बैचलर पार्टी में मेरी सामूहिक चुदाई- 3

ललिता जोशी

03-07-2022

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Xxx क्रेजी गर्ल सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि अंकल ने मुझे चोदने के बाद अपने साले और उसके तीन दोस्तों से मेरी चूत और गांड कैसे मरवायी.


यह कहानी सुनें.


हाय दोस्तो, मैं ललिता जोशी!


मेरी कहानी के पिछले भाग अंकल के साले ने मुझे चोद दिया में आपने पढ़ा था कि कैसे मैं लेडीज संगीत से निकल कर राजेश के फॉर्म हाउस तक पहुंची और राजेश व उसके तीन दोस्तों के साथ बैचलर पार्टी एन्जॉय की.


राजेश मुझे चोद ही रहा था कि अचानक एक आवाज आई- मजा आ रहा है ना साले साहब! मैंने पलट कर देखा तो शर्मा अंकल खड़े थे.


अब आगे Xxx क्रेजी गर्ल सेक्स स्टोरी:


शर्मा अंकल- मजा आ रहा है ना साले साहब? राजेश- हां जीजू, बहुत गजब का मजा आ रहा है … ललिता बहुत हॉट माल है.


शर्मा अंकल को मेरी तरफ आते देख कर मैंने तकिए से अपना मुँह छुपा लिया.


अंकल- ललिता तुझे मजा आ रहा है कि नहीं, मैं तेरा पहला यार हूं और मुझे पता है कि तुझमें कितनी हवस है. इसीलिए मैंने तुझे इन लोगों से चुदवाने का प्लान बनाया था ताकि तेरे जिस्म की आग बुझ सके. तू मुझसे नाराज तो नहीं है ना!


यह कहते हुए उन्होंने मेरे मुँह से तकिया हटा दिया. मैंने उन्हें गुस्से में देखते हुए कहा- मुझे तो आप लोगों की सारी प्लानिंग पहले से ही पता चल चुकी थी, गुस्सा तो केवल इसी बात का है कि पहले ही बता देते तो ज्यादा अच्छा होता.


मेरी बात सुनकर सभी लोगों की आंखें खुली की खुली रह गईं. सब एक दूसरे को देखने लगे.


शर्मा अंकल- तुझे कैसे पता? मैं- मैंने आपकी और राजेश की सारी बात बाथरूम की खिड़की से सुन ली थी.


सब जोर जोर से हंसने लगे. मुझे भी अब हंसी आने लगी थी.


इमरान ने कहा- इसकी मां का यार मारूं … साली क्या गजब की चालू छोरी है. यार राजेश हम तो सोच रहे थे कि हम इसे चोदू बना रहे हैं, यह तो हम पांचों को चोदू बना रही थी.


इमरान की बात सुनकर एक बार फिर सब लोग ठहाका लगा कर हंसने लगे.


शर्मा अंकल- खैर मेरे दोस्तो, मैं तो ये बताने आया था कि तुम लोगों के लिए एक खुशखबरी है कि मैंने ललिता की मां को समझा दिया है कि ललिता दूसरी लड़कियों के साथ पार्टी मना रही है और लेट हो जाएगी इसलिए अब सुबह ही आएगी. ललिता की मम्मी को मुझ पर पूरा यकीन है, इसलिए अब कोई टेंशन नहीं है. वैसे भी मैं और मेरी वाइफ ललिता की मम्मी के पास ही हैं. अगर कोई बात हुई तो इसे लेने आ जाऊंगा, तुम लोग टेंशन फ्री होकर पूरी रात ललिता के साथ एन्जॉय कर सकते हो. मैं चलता हूं बाय बाय.


यह कहते हुए शर्मा अंकल वहां से चले गए.


उनके जाते ही राजेश ने फिर से अपना लंड मेरे मुँह में घुसा दिया, जिसे मैं चूसने लगी. कुछ देर अपना लंड चुसवाने के बाद राजेश मेरी दोनों टांगों के बीच में अपना मुँह डालकर मेरी चूत चाटने लगा.


मेरी चूत ने फिर से रस टपकाना शुरू कर दिया था. राजेश भी पागलों की तरह मेरी चूत के दाने को होंठों से खींच खींच कर चूस रहा था.


मैं एकदम गर्मा गई थी और चुदने के लिए मचल उठी थी. कुछ देर चूत चटवाने के बाद मैंने राजेश से कहा- अब और मत तड़पाओ राजेश, मुझे चोद दो … मेरी चूत में अपना लंड डाल दो. मेरी चूत लंड खाने के लिए बेकरार हुई जा रही है. राजेश- हां मेरे रंडी अब तुझे चोदने की बारी है. अबकी बार जो मेरा लंड तेरी चूत अन्दर घुसा, तो तेरी चूत का भोसड़ा बनाकर ही बाहर आएगा.


यह कहते हुए राजेश अपने लंड को मेरी चूत के ऊपर रगड़ने लगा. पहले की तरह ही मेरी चूत में एक जोरदार झटका मारा और अपना पूरा लंड मेरी चूत के अन्दर उतार दिया.


मेरी आवाज गले में ही घुट कर रह गई. मैंने राजेश जोर से पकड़ लिया … और मेरी आंखों में आंसू आ गए.


दूसरे ही पल राजेश ने बड़ी बेरहमी से एक और झटका दे मारा. अब मेरी आवाज निकल पड़ी- आआहह मम्मी मर गई … आहह!


मैं राजेश से छूटने की कोशिश कर रही थी मगर उसकी पकड़ मेरी कमर पर काफ़ी मजबूत थी. उसने बिना कोई परवाह किए धक्के देने चालू कर दिए और वो मेरी चूत में ताबड़तोड़ धक्के मारता चला गया.


मैं बेबस लड़की उसकी बलिष्ठ बाजुओं में पिस कर रह गई. मेरी चूत ने अपना रस दो बार छोड़ दिया था मगर राजेश का इंजन किसी सुपरफास्ट ट्रेन की तरह मेरी चूत की पटरी पर सरपट दौड़ा जा रहा था.


कोई पन्द्रह मिनट तक मुझे धकापेल चोदने के बाद राजेश ने अपने लंड को चूत से बाहर खींचा और उसका गर्मागर्म माल मेरी चूत के ऊपर झाड़ दिया.


वो झड़ कर मेरे ऊपर ही लेट गया. मैंने भी उसे अपनी बांहों में समेट लिया.


तभी जोरदार तालियों की आवाज सुनाई देने लगी. मैंने देखा कि राजेश के तीनों दोस्त कार्यक्रम की समाप्ति पर खुश होते हुए जोरदार तालियां बजा रहे थे.


प्रकाश- राजेश मेरे भाई, तेरा सेक्स देखकर मजा आ गया, तेरी बैचलर पार्टी सफल हो गई. अब तू आराम से बैठ कर बियर पी क्योंकि अब इस छमिया को अपने लवड़े पर सैर कराने की हमारी बारी है.


यह सुनकर राजेश मेरे ऊपर से हट गया और उसके तीनों दोस्त मुझ पर टूट पड़े. मैंने उन्हें रोका और कहा- मुझे 5 मिनट का ब्रेक चाहिए.


इमरान फटाफट गया और सबके लिए एक-एक पैग बना लाया और मेरे लिए व्हिस्की मिला हुआ कोल्ड ड्रिंक का गिलास ले आया.


फिर हम लोग ने आपस में हंसी मजाक करते हुए ड्रिंक खत्म की.


ड्रिंक खत्म होने के बाद मैं 5 मिनट के लिए फ्रेश होने बाथरूम में गई.


जाते-जाते आपकी काली ब्रा और पैंटी साथ ले गई. जिसे पहनकर जब मैं वापस बाहर आई तो देखा तीनों बड़ी बेसब्री से मेरा इंतजार कर रहे थे.


जैसे ही मैं उनके करीब पहुंची, तीनों मुझ पर टूट पड़े.


मैं मस्ती में होकर बोली- तुम लोग बहुत शरारती हो. वे बोले- इतना इंतजार किया है तेरा … शरारत तो बनती है. ये कहकर वो तीनों मेरे बूब्स पर टूट पड़े और बारी बारी से मेरे बूब्स को दबाने लगे.


मेरे बूब्स दबाते हुए वो मुझे बारी बारी किस करने की कोशिश कर रहे थे. मेरी मादक सिसकारियां निकलने लगीं.


कभी राजेंद्र के होंठ मेरे होंठों को चूसते, तो कभी प्रकाश के होंठों मेरे होंठों पर आकर टिक जाते.


फिर इमरान मेरे चूचों को दबाते हुए मेरे होंठों को किस करता. इस तरह से मैं तीनों के सामने अपनी जवानी को परोस रही थी और वो तीनों उसका पूरा मजा चख रहे थे.


राजेश संतुष्ट भाव से हमें देखते हुए पैग पी रहा था.


मुझे पता था कि अब मैं तीन-तीन मर्दों से चुदने वाली हूं. ये तीनों मुझे चोदे बिना नहीं छोड़ेंगे. उसके लिए मुझे खुद को दिमागी रूप से तैयार करना था, इसलिए मैंने इमरान को एक और पैग बनाने के लिए कह दिया.


इमरान ने इस बार मुझे एक हैवी पैग पिला दिया. अब मैं पूरी नशे में थी और बहुत ज्यादा मदहोश हो रही थी.


मेरे बदन पर मेरी काली ब्रा और पैंटी थी. अपने गोरे रंग पर उस काली ब्रा और पैंटी में मैं किसी रंडी से कम नहीं लग रही थी, जो तीन-तीन मर्दों का एक साथ मनोरंजन करने वाली थी.


तीनों मेरे जिस्म को नौच रहे थे.


तभी इमरान ने मेरी ब्रा की स्ट्रैप खोल दी. प्रकाश ने मेरी चड्डी दी उतार दी. मैं उनके सामने पूरी नंगी थी.


इमरान मेरी चूचियों को दबा रहा था और प्रकाश नीचे से मेरी गांड के छेद को सहला रहा था. अब राजेंद्र ने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया.


इमरान साइड में बैठकर मेरे होंठों को चूसने लगा.


फिर मैं बारी बारी से तीनों का लंड चूसने लगी थी.


कुछ देर तक ऐसा ही चलता रहा और मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था. मैं- जल्दी करो, अब सेक्स करने का मेरा बहुत मन कर रहा है.


फिर इमरान लेट गया. लेटकर उसने मुझे उसके ऊपर आने के लिए कहा. मैं जल्दी से उठकर इमरान के ऊपर बैठ गयी.


उसने अपने खड़े लंड को हाथ में लिया और मुझे उठकर लंड पर बैठने को कहा. अपनी गांड मैंने ऊपर उठाई और इमरान के लंड पर चूत को रखकर धीरे से बैठ गयी.


उसका लंड मेरी चूत में उतर गया और मेरे मुँह से एक तेज ‘आह्ह …’ निकल गयी. मुझे मजा आ गया. मेरी चूत में घुसने वाला यह तीसरा लंड था. चौथा, पांचवा भी लाइन में था.


इमरान का लंड चूत में लेकर मैं उछलने लगी तो राजेंद्र ने मुझे रोक लिया. उसने मुझे थोड़ा आगे झुकने को कहा.


मैं झुकी तो वो मेरी गांड पर थूक लगाने लगा. तो मैं समझ गई कि राजेंद्र मेरी गांड मारने वाला है.


मुझे डर तो लग रहा था मगर इतने सारे लंडों से चुदाने के जोश में मैंने उसे रोकना उचित नहीं समझा.


फिर उसने अपने लंड का टोपा मेरी गांड के छेद पर रखा और मेरी गांड में लंड घुसा दिया. मुझे भयंकर दर्द हुआ तो मेरी चीख निकल गयी.


मेरी चूत में पहले से ही इमरान का लंड था और अब गांड में राजेंद्र का लंड घुस गया था.


मैं दर्द भरी आवाजें निकालने लगी तो प्रकाश ने मेरे मुँह में लंड डाल दिया.


कुछ देर रुकने के बाद अब राजेंद्र हल्के-हल्के धक्के लगाने लगा और उसके धक्कों के साथ ही मेरी चूत में इमरान का लंड और मुँह में प्रकाश का लंड अपने आप अन्दर बाहर होने लगा.


मैं पूरे नशे में थी … शराब के भी और वासना के भी.


तीन-तीन लंड लेकर मैं बहुत उत्तेजित होने लगी. इतना सुख मुझे पहले कभी नहीं मिला था. मेरे तीनों छेद भर गए थे, हर तरफ मुझे लंड ही लंड लेने का अहसास हो रहा था.


फिर वो मेरी चूचियों के साथ खेलने लगे; मेरी गांड पर चमाट मारने लगे. मैं मस्ती में चुदने लगी और चुदाई का पूरा मजा लेने लगी.


मैं ‘गूं … गूं …’ के अलावा कोई आवाज नहीं निकाल पा रही थी. जबकि उन तीनों के मुँह से मस्ती भरी आवाजें आ रही थीं- आह्ह … आह्ह … सेक्सी ललिता … आह्ह तेरी चूत … आह्ह … चुदो ललिता … ओह्ह … क्या माल है … आह्ह … फाड़ देंगे आज!


कुछ देर के बाद फिर राजेंद्र ने मेरी गांड से अपना लंड निकाल लिया.


अब प्रकाश पीछे आ गया और राजेंद्र आगे. प्रकाश ने पोजीशन ले ली और मेरी गांड में लंड पेल दिया.


राजेंद्र मेरे मुँह में लंड को चुसवाने लगा.


फिर राजेंद्र ने इमरान को नीचे से हटने के लिए कहा. इमरान उठा और राजेंद्र नीचे लेट गया. उसने मेरी चूत में लंड दिया और इमरान मेरे मुँह को चोदने लगा.


काफी देर तक इसी तरह मैं चुदती रही. बार बार लंड छेद से निकाल लेने से वे तीनों झड़ नहीं रहे थे.


प्रकाश बोला- मुझे भी ललिता की चूत चुदाई करनी है. सिर्फ तुम दोनों ही मजे ले रहे हो.


उसके कहने पर राजेंद्र नीचे से हटा और प्रकाश ने मेरी चूत में लंड दे दिया. फिर इमरान ने मेरी गांड में लंड डाल लिया और राजेंद्र मुँह को चोदने लगा.


इस तरह से उन तीनों ने अपनी अपनी पोजीशन बदल बदलकर मेरे तीनों छेदों को चोदा.


इस बीच राजेश मेरे पास आया और मेरे बूब्स दबाने लगा और बोला कि मुझे भी तुम लोगों को ज्वाइन करना है. राजेंद्र ने यह कहते हुए उसे मना कर दिया- कल तेरी शादी है और तुझे सुहागरात में भाभी के लिए भी तो कुछ बचा कर रखना है. तू तो आराम से बैठ और देख.


यह सुनकर राजेश वापस अपनी जगह पर जाकर बैठ गया.


हम चारों वापस एक दूसरे में गुत्थम-गुत्था होने लगे.


लगभग एक घंटे तक एक दूसरे के साथ आपस में चुदाई करने के बाद मैं अब बदहवास हो गयी थी.


मेरी चूचियां और चूतड़ दर्द कर रहे थे. चूत और गांड का तो मुझे पता ही नहीं चल रहा था कि क्या हाल हो गया है, पर मेरी चूत तीन बार पानी छोड़ चुकी थी.


फिर काफी देर चोदने के बाद तीनों ने बारी बारी से अपना पानी मेरी चूत में छोड़ा.


इस तरह दोस्तो, 19 वर्ष की उम्र में मेरी जिंदगी और मेरी चूत में तीसरे चौथे और पांचवें लंड ने प्रवेश किया.


ग्रुप चुदाई होने के बाद हमने कुछ देर तक आराम किया.


फिर उन तीनों ने फिर से मेरे जिस्म को छेड़ना शुरू कर दिया. उनके लंड थोड़ी देर में फिर से तन गए. मैंने उन तीनों के लंड बारी बारी से चूसे.


अब तीनों ने अलग अलग आकर फिर से मेरी चूत चुदाई की. मैं तीनों से अलग अलग चुदकर बिल्कुल थक गयी. मेरा पूरा बदन टूटने लगा था. वो तीनों दारू पीते रहे और मुझे चोदते रहे.


सुबह के चार बजे तक Xxx क्रेजी गर्ल की चुदाई चलती रही. उसके बाद हम सो गए.


फिर सुबह 7:00 बजे शर्मा अंकल मुझे लेने आ गए. उन्होंने भी मुझसे चुदवाने को कहा. मैंने एक राउंड सुबह-सुबह उन से भी चुदवाया.


फिर मैं बड़ी मुश्किल से उठी, अपने आपको संभाला, फ्रेश हुई, कपड़े पहने और शर्मा अंकल के साथ फॉर्म हाउस से निकलकर धर्मशाला में मम्मी के पास पहुंच गई.


मम्मी के पूछने पर मैंने कह दिया कि रात को बहुत सारी लड़कियां धर्मशाला के दूसरे कमरे में अंताक्षरी खेल रही थीं. मैं भी उन लोगों के साथ थी और लेट होने पर वहीं सो गई थी. अभी उठ कर आई हूं. मेरी भोली मम्मी मान गईं.


एक ही रात में चार नए लंडों ने मेरी चूत में अपनी जगह बना ली थी. इन चारों के समेत अब तक मेरी चूत पांच लंड खा चुकी थी.


आप सब लोगों के मेल मेरे हौसले को बढ़ाते हैं, आप सब लोगों के मेल मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए प्रेरित करेंगे, इसलिए मुझे बताते रहें कि आपको मेरी सच्ची Xxx क्रेजी गर्ल सेक्स स्टोरी कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं. [email protected] फिर मुलाक़ात होगी.


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